07.07.2021
दिनांक 07.07.2021
मैं एक इंजीनियर हूँ . इंजीनियर की जिन्दगी कितनी कठिन है , इसी से सम्बंधित दिनचर्या मैं ब्लॉग के माध्यम से प्रस्तूत करता हूँ.इंजीनियर की नौकरी कठिन होने के बावजूद मैं जिन्दगी में काफी सफल हूँ. बहुत लोगों की इच्छा होती है कि अपनी सन्तानों को इंजीनियर बनाये. यह सच भी है क्योंकि एक इंजीनियर की देश और समाज के विकास में महत्वपुर्ण योगदान होता है.एक इंजीनियर के बिना विकास की कल्पना नहीं की जा सकती है।इंजीनियर ही एक ऐसा पदाधिकारी है, जो कुछ भी काम कर सकता है.मेरा उद्देस्य है की मेरी दिनचर्या से किसी को प्रेरणा मिले.
आज सुबह मैं 5.10 AM को सोकर उठा . उठने से पहले मैंने बिस्तर पर ही भगवान की प्रार्थना की. मैं भगवान की प्रार्थना करना कभी नहीं भूलता हूँ.क्योंकि कुछ भी काम भगवान के आशीर्वाद के बिना हो नहीं सकता. मुझपर हमेशा ही भगवान की असीम कृपा रही है.बिस्तर से उठने के बाद बाथरूम गया .हाथ मुँह धोया और टूथब्रश किया .बाथरूम से आने के बाद मैंने लगभग 20 मिनट प्राणायाम किया. प्राणायाम करने से पहले 15 मिनट मॉर्निंग वॉक किया.उसके बाद "बिजनेस स्कूल" पुस्तक 20 मिनट पढ़ा .
10.00 AM को स्नान किया . स्नान करने के बाद 10.30 AM को नास्ता किया.
नहाने के पहले 9.00 AM से 9.50 AM तक खाना बनाया. 11.00 AM को ऑफ़िस आ गया.ऑफ़िस में एक contractor और दो जूनियर इंजीनियर को बुलाया था. काम की प्रगति के सम्बंध में जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिया.ऑफ़िस में 4.00 PM तक कार्य किया.4.30 पं को डेरा आ गया और खाना खाया.खाना खाने के बाद ऑफ़िस नहीं गया बल्कि कुछ देर आराम किया.8.00 PM तक मोबाइल पर कार्य किया.
आज रुम पार्टनर आ गए हैं .मैने सब्जी काटी और आटा गुँथा.रुम पार्टनर ने सब्जी और रोटी बनाई.9.30 PM को खाना खाया. .उसके बाद फूड suppliments खाया और दुध पीया. 11.30 PM को सोने से पहले एक motivational audio सुना और सो गया.
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